STORYMIRROR

मुझे भार समाधि की सीढ़ी किसी ने ईश्वर की ख्वाहिश है है मुहब्बत नहीं शरण जो वक़्त मांगा है आदत मन काया वचन श्रद्धा वचन कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु ओम साईं राम अनन्य भक्ति निभाता नहीं कोई जुस्तजू

Hindi जो मांगा वह नहीं है दूर Poems