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नहीं कोई जुस्तजू वक़्त शरण नहीं अनन्य भक्ति जो किसी ने निभाता मन काया वचन श्रद्धा आदत #होठ है सिले हुए भार न कोई है गुफ्तगू तू जो दूर है समाधि की सीढ़ी है कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु मुझे है मुहब्बत ईश्वर की ख्वाहिश मांगा है

Hindi जो मांगा वह नहीं है दूर Poems